चलो सब इंसान बन जाएँ। Hindi mein kavita

hindi motivational poems

आज की hindi poem “चलो सब इंसान बन जाएँ” है। दोस्तों, यह एक hindi motivational poems है। आज के समय में कैसे आदमी-आदमी का दुश्मन बन गया है, हर किसी को अपना -अपना ही पड़ा है कोई किसी के बारे में नही सोचता है। आज की इस कविता के माध्यम से हम आपको बताना चाहते है कि हमे सब भेद भाव खत्म कर एक अच्छा इंसान बनने की जरूरत है।

गरीब का कौन है

आदमी-आदमी का दुश्मन बना बैठा है

गरीब होता क्या है

अमीर होता क्या है

दो गज़ जमीन दोनों को ही चाहिए

एक कफ़न दोनों को चाहिए

दो रोटी भी एक सी है जो दोनों को चाहिए

ये कुछ नहीं 

हमारा ही बनाया हुआ भेद भाव है

ख़तम करो इसे 

शैतान से इंसान बन जाओ

सब भेद भाव खत्म हो जाएगा

और अमीर गरीब से सब इंसान बन जाएंगे।

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by Shubhi Gupta ( शुभी गुप्ता )
Story and Poem Writer

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धन्यवाद!

Image Credits- pixabay

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