ऐसा प्यारो है ये कृष्णा।। krishna poem in hindi कविता 2021

krishna poem in hindi

इस कविता के द्वारा लेखिका ने krishna poem in hindi, poem on krishna, kavita of hindi, poem on krishna in hindi के ऊपर अपनी भावनाएं व्यक्त की है।

मथुरा में है जन्मा

वृन्दावन में है पला

सबकी आंखों का है ये तारा।

फिर क्यों यशोदा काला टीका लगाए ?

ऐसा प्यारो है ये कृष्णा।।

राधा भी छुप छुप कर

कृष्णा का ही नाम पुकारती है।

मन ही मन क्यों जले राधिका ?

जब यमुना तट पर रास

सहेलियों संग रचये 

ऐसा प्यारो है ये कृष्णा।।

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बांसुरी की धुन सुनकर

तन मन ऐसे डोले,

कुछ सुद बुध ना रही है मन में

राधा कृष्ण तो एक ही नाम है।

फिर क्यों डर सखियों को सताए ?

ऐसा प्यारो है ये कृष्णा ।।

जब जब माखन ये चुराए 

हर मईया छुप छुप कर देखा करती

पकड़ में अगर आ जाए तो

हाथों से अपने माखन उसे खिलाएं।

ऐसा प्यारो है ये कृष्णा।

एक बार देख छवि कृष्णा की

हर कोई लीन उसी में हो जाए।

सभी पुकारे राधे कृष्णा 

ना जाने कब किस को दर्शन ये से जाए ?

ऐसा प्यारो है ये कृष्णा ।।


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Krishna poem in Hindi poem by Shubhi Gupta ( शुभी गुप्ता )
(Story and Poem Writer)

 

Image credits:  wiki

इस कविता के द्वारा लेखिका ने krishna poem in hindi, poem on krishna, kavita of hindi, poem on krishna in hindi के ऊपर अपनी भावनाएं व्यक्त की है। 

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