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असलियत-ए-ज़िन्दगी – Life Poem in Hindi

    reality-life

    आज हम आपके लिए लेकर आए है! new hindi poem असलियत-ए-ज़िन्दगी ( life poem in hindi ) हिंदी कविता में बताया गया है कि जब हमे अपनों की जरूरत होती है! वो हम से दूर हो जाते है और इस तरह हमे अपनों की असलियत का पता चलता है! ( short hindi poem on life )

    गिरना जरूरी है

    ठोकर खाना जरूरी है

    ह़ीक़त का पता चलता है

    गिर के अपनों का हाथ ना आए

    असलियत का पता चलता है,

    गुस्से से दिल की सफाई का पता चलता है

    झुटे तो हमेशा मुस्कुराते है,

    अपने मुसीबत में साथ ना दे तो

    अपनों का पता चलता है

    अज्ञानी जब ज्ञान दे तो 

    परदा उठ जाता है

    जिंदगी का आइने साफ दिखता है,

    हर मोड़ पर काटे बिझे है

    हर कदम संभाल कर उठाना

    काटे चुभे तो रुकना नहीं

    आगे बढ़ते जाना है,

    क्युकी देर अंधेरे के बाद ही 

    नई सुबह आती है

    हर मुश्किल का सामना करने के बाद

    ही तो नई रोशनी जिंदगी में नया उजाला लाएगी।।


    दोस्तों ! कविता अगर दिल को छूह जाये, तो शेयर ज़रूर कीजियेगा। 

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     by Shubhi Gupta ( शुभी गुप्ता )

    Story and Poem Writer

    असलियत-ए-ज़िन्दगी ( hindi kavita on life ) hindi Poem में  सच्चाई बताई  है हमारी जिन्दगी की आज  के समय में दोस्तों हर किसी के साथ ऐसा होता भी है अपने ही हमे परेशानी में अकेला छोड़ कर चले जाते है और जिन्हें हम अभी मिले होते है वे हमारे साथ खडें रहते है! patriotic poem in hindi

    image credits: freepik

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