दोस्तों! आज की hindi kavita  मत करो खिलवाड़ प्रकृति से (  hindi poem on nature ) पर है! आप सब देख ही रहे है किस तरह से लोग नए-नए आविष्कार  करके इस प्रकृति की सुंदरता को नष्ट कर रहे है! आज हम poem on nature in hindi की सहायता से आप सब को समझाने का एक छोटा से प्रयास कर रहे है!  

 

रुक जाओRaised Hand on Samsung अभी भी समय है

अगर आज नहीं रुके तो 

कल बर्बाद कर देंगे हम,

जाने अंजाने प्रकृतिFour Leaf Clover on Apple से खिलवाड़ कर रहे है हम

प्रकृति के खिलाफ जा रहे है हम

उसुलो को तोड़ नए उसुल बनाने में जुट गए है हम,

क्या प्रकृतिNational Park on Google Android 10.0 March 2020 Feature Dropहमें माफ़ करेगी

कानून तोड़ कर कब तक हम बचेंगे,




 

कब तक प्रकृति ऐसे ही जुर्म सहेगी

कब तक हम ऐसे ही लापरवाह रहेंगे

जब कुदरत अपना रौद्र रूप दिखाएगी

सारे आविष्कार धरे के धरे रह जाएंगे,

और उस दिन नई रोशनी के साथ

प्रकृति अपने को फिर नया बनाएंगी

और फिर देर अंधेरे के बादSunrise Over Mountains on Google नया कल निकलेगा!

 

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by Shubhi Gupta ( शुभी गुप्ता )
Story and Poem Writer
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