मेरे पिता पर सुन्दर कविता – Poem on father in hindi – मेरे पिता मेरा अभिमान !?

poem on father in hindi

एक लेखिका की भावनाएं ( poem about papa ) पिता के बारे में ( miss u papa status in hindi )

मेरे पिता मेरा अभिमान ?

मेरा मान, अभिमान, स्वाभिमान है मेरे पिता,

घर की आन बान शान है बनाई।

घर की हर ईट की जगह सिर अपना है लगाया ,

हर मुसीबत से लड़ना है सिखाया।

दिल अगर मां है घर का तो, दिमाग है पिता,

हर तूफान में पतवार बन कर साथ खड़े है,

घर के एक एक निवाले के लिए बीमारी में भी उठ खड़े होते है,

हर परिस्थिति में फर्ज सारे है निभाएं,

जीवन का हर कर्ज है चुकाते?

मां की डाट से भी बचाते।

 

poem of father in hindi
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साया बन कर हमेशा साथ खड़े

होते है, अपने से आगे हमें बढ़ता देखना चाहते है,

खुद फटे कपड़े पहन नए हमें दिलाते है,

सूखी रोटी खा कर चुपड़ी रोटी हमे खिलाते है।

हर ग़लती पर डाँट, फिर दोस्त की तरह समझते है,

गलत राह पर जब भी हम जाते कान पकड़ के हमें वापस लाते है।

चोट लगने पर रोती है मां, दर्द अपना छिपाते है,

बहुत नसीब वाले होते है वो लोग जिनके, सिर पर पिता का हाथ हमेशा होता है,

रब का रूप है पिता?


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A poem on father in hindi poem by Shubhi Gupta ( शुभी गुप्ता )
(Story and Poem Writer)

Image credits:  www.freepik.com

 

इस कविता के द्वारा लेखिका ने  poem on father in hindi, father poem in hindi , pita par kavita ,  hindi poetry on father  के ऊपर अपनी भावनाएं व्यक्त की है। 

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