दोस्तों, आज हम आपके लेकर आए है। short moral hindi story जोकि एक छोटी बच्ची की कहानी हैं। यह short moral story for kids in hindi आपको अपने बच्चों के साथ जरूर शेयर करनी चाहिए। इस hindi story child से आपके बच्चों को एक अच्छी सीख जरूर मिलेगी। 

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मीरा नाम की एक बहुत ही दयालु लड़की थी। मीरा के जन्म के बाद ही उसकी माँ की मृत्यु हो गई थी और कुछ ही दिनों में उसके पिता की भी मृत्यु हो गई। मीरा अपनी दादी के साथ अपने छोटे से घर में रहती थी।

जब भी मीरा किसी को परेशानी में देखती उसकी मदद करने की कोशिश करती, एक दिन मीरा जंगल की और जा रही थी।  

रास्तें में उस ने एक बूढ़े व्यक्ति को भीख मांगते देखा, मीरा के पास एक बिस्कुट का पैकेट था जो उसने उस बूढ़े व्यक्ति को दे दिया। बूढ़े आदमी ने कहा, “कि बेटी अगर तू मुझे यह दे देगी तो तू खुद क्या खाएगी।” 

मीरा ने बोला, “कि बाबा मैं कुछ ना कुछ खा ही लूंगी मेरा घर पास में ही है।” फिर मीरा आगे चली तो  उसने देखा कि एक छोटा बच्चा नंगा घूम रहा है।  

मीरा ने अपनी जैकेट उसे दे दी पहनने के लिए और अपने जूते भी, छोटा लड़का बोला, “दीदी अगर तुम मुझे यह जैकेट और जूते दे दोगी तो तुम्हें ठंड लगेगी।” 

मीरा बोली कि नहीं भाई ऐसा नहीं है तुम इसे पहन लो तुम तो बिल्कुल ही नीवस्त्र हो।

 

चलते-चलते मीरा घने जंगल में पहुंच गई जहां वह आसमान की और देखकर बोलने लगी, “हे भगवान तुमने मेरे जन्म से ही मेरे मां-बाप को क्यों छीन लिया।

ऐसा क्यों किया तुमने, मैं हमेशा सबकी मदद करती हूं यह सोच कर कि शायद मेरे इन कर्मों से कुछ अच्छा हो जाए। 

इतने में ऊपर से एक आकाशवाणी हुई, उस आकाशवाणी ने बोला बेटी मैं तुम्हें एक वरदान देता हूं, तुम्हारे इस अच्छे कर्मों का, कि महीने में एक बार तुम अपने मां-बाप से मिल पाओगी, आकाशवाणी के इतना बोलने के बाद ही उसके मां-बाप नीचे उतर आए। 

उसके मां-बाप की आंखें नम थी और यह देखकर मीरा की आंखें भी नम हो गई। मीरा की मां ने उस रात अपने हाथों से खाना खिलाया, उसे कहानी सुनाई और वह पूरी रात बात करते रहे और जब सुबह हुई। 

तो उसके मां-बाप ने उसे समझाया कि बेटा अपने घर आराम से जाना और उन्होंने मीरा को खेलने के लिए  कुछ खिलौने भी दिये। 

 

मीरा बहुत खुश थी कि वह अपने मां-बाप के पास है। कुछ ही समय पश्चात उसके माँ-बाप आकाश की और चल दिए और मीरा भी अपने घर को वापिस आ गई।

अब मीरा और भी अच्छे से सभी की सहायता करती और हर महीने अपने माँ बाप से भी मिलती थी। 

मीरा इस बात से खुश थी कि महीने में एक बार तो वह अपने मां-बाप से मिल सकेगी है। उनसे बात कर सकेगी और उनके साथ रह सकेगी।

 

Moral of the story:-  दोस्तों, अगर हमारे कर्म अच्छे होंगे तो ईश्वर भी हमारी सहायता करेगा। इसलिए हमेशा अच्छे कर्म करो।  

 


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By:- Shubhi Gupta ( शुभी गुप्ता )
Story and Poem Writer

 

कैसे लगी आपको यह a short hindi story with moral मुझे उम्मीद है आपको यह हिंदी की कहानी जरूर अच्छी लगी होगी। ऐसी ही और kids story with moral पढ़ने के लिए हमें फॉलो करें।

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