डिप्रेशन ( अवसाद ) क्या है ? इसके लक्षण, कारण, उपचार और इससे बचने के तरीके, पूरी जानकारी हिंदी में। ( depression meaning in hindi ) और symptoms of anxiety in hindi आदि! मानसिक रोग का आयुर्वेदिक इलाज ( mental health )

 

इस लेख में निचे लिखी Queries ( प्रशनों ) के उत्तर दिए गए हैं:- 

  • -Depression kya hota hai   ( depression meaning in hindi )
  • -What are the signs of depression
  • -Types of depression 
  • -Depression ke karan ( क्यों होते है मानसिक रोग )
  • -Home remedies for depression and anxiety ( मानसिक रोग दूर करने के उपाय )
  • मानसिक रोग का आयुर्वेदिक इलाज ( mental health )
  • मानसिक रोग की आयुर्वेदिक दवा

दोस्तों हमारे Blog पर आपका स्वागत है। जैसा कि आप इस पोस्ट के Title से ही समझ गए होंगे कि आज की ये पोस्ट Depression and mental health के बारे में है। आखिर depression kya hota hai ( depression meaning in hindi ) जिसको हिंदी में अवसाद ( मानसिक रोग ) कहा जाता है। इसको कैसे पहचाना ( what are the signs of depression ) जाता हैं? और इससे बचने के तरीके ( causes of depression ) कौन से होते हैं, जिनकी help से depression को खत्म ( how to overcome depression ) किया जा सकता है? तो आज हम इस लेख में इससे जुड़ी सभी जानकारियाँ दे रहे हैं। 

 

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Depression ( अवसाद ) क्या है ? ( meaning of depression in hindi )

Depression in hindi – आप सबने कभी ना कभी Depression के बारे में सुना होगा और बहुत से लोग इससे अच्छी तरह वाक़िफ़ भी होंगे। डिप्रेशन को हिंदी में अवसाद कहा जाता है। वास्तव में डिप्रेशन मानसिक रोग होता है जिसमें आदमी की खुशी पूरी तरह दुख में बदल जाती है।

अपने दैनिक जीवन में बहुत बार कोई भी व्यक्ति डिप्रेशन ( मानसिक रोग ) से पीड़ित हो सकता है। कुछ लोग तो थोड़े Time के लिए इससे प्रभावित होते हैं लेकिन कुछ लोग ज्यादा time तक इसके चंगुल में फँस जाते हैं।

 

डिप्रेशन में क्या होता है? ( depression symptoms in hindi )

जो व्यक्ति depression का रोगी होता है, उसके मन में किसी भी चीज के लिए interest पूरी तरह खत्म हो जाता है। उसका किसी कार्य में मन नहीं लगता, वो खुद को society से ही अलग कर लेता है और हमेशा अकेला ही रहना पसंद करता है।

Depression का रोगी हमेशा चिड़चिड़ा सा रहता है, दुख ही उसकी Life में बस जाता है और वो हर वक़्त बस दुखी ही रहने लगता है। वैसे ऐसा बिल्कुल नहीं है कि depression ( depression meaning in hindi ) अभी की समस्या है, ये बीमारी बहुत पहले से ही चली आ रही है, लेकिन पहले डिप्रेशन को ज्यादा गंभीरता से ना लेकर इसे सामान्य कहकर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता था।

लेकिन जब इसके ऊपर Research की गयी तो जो result सामने आया उससे ये पता चला कि depression problem को नजर-अंदाज़ करने की ग़लती काफी भारी पड़ सकती है।

 

डिप्रेशन कितने प्रकार का होता है? डिप्रेशन के प्रकार । ( types of depression )

अभी तक आपने समझा कि depression क्या होता है और इसका असर कितना बुरा होता है। अब साथ ही साथ में ये भी जानने वाली बात कि depression कितनी तरह का होता है।

अगर देखा जाए तो depression अलग अलग तरह का होता है जिनका असर भी अलग अलग होता है लेकिन ये सभी प्रकार बुरी तरह से व्यक्ति के Mind पर असर करते हैं। चलिए आज आपको depression के कुछ types बताते हैं- 

types of depression
  types of depression

1. Major Clinical Depression –   

डिप्रेशन के प्रकार में इसको मुख्य कहा जा सकता है। ये डिप्रेशन का वही रूप होता है जो अक्सर हम देखते हैं। मतलब ये है कि इसमें रोगी हमेशा दुख से ही घिरा हुआ रहता है और हमेशा negative thoughts ही उसके दिमाग में आते हैं।

For example: अगर कोई  उदास है और उसके Life में कुछ अच्छी खबर आ जाती है तो उसकी उदासी अचानक से खुशी में बदल जाती है but इस Major clinical depression से पीड़ित व्यक्ति खुशी या त्योहार के मौके पर भी उदास ही रहता है।

इस प्रकार का डिप्रेशन कामकाज में बहुत बाधा बनता है और बुरी तरह प्रभावित करता है।

 

2. Manic Depression – 

डिप्रेशन का एक दूसरा प्रकार manic depression के रूप में सामने आया है। इससे प्रभावित व्यक्ति को कभी खुशी तो कभी अचानक दुख महसूस होने लगता है।

किसी time तो उसे ऐसा लगता है कि वो बहुत energetic और खुश है और कभी अचानक ही वो उदास हो जाता है। depression का ये रूप भी मानसिक स्थिति को बिगाड़ सकता है।

 

3. Seasonal Affective Disorder-

जैसा कि इसके नाम से पता लग जाता है कि ये Season के हिसाब से होता है। इस disorder का प्रभाव भी बुरा ही होता है। इसके रोगी  का Mood मौसम के हिसाब से परिवर्तित होता रहता है। ( mood disorder in hindi )

एक मौसम मे तो वो बहुत ज्यादा ख़ुशी feel करता है और फिर दूसरे मौसम में उसके दिमाग में negative thoughts असर करने लगते हैं।

 

डिप्रेशन कब होता है? ( depression kyon hota hai )

अगर ये जानने की कोशिश की जाए कि depression कब होता है अगर सच में देखा जाए तो इस बीमारी का कोई एक निश्चित समय नहीं है।

Depression के बारे में सबसे खतरनाक बात यही है कि ये problem कभी भी किसी को भी हो सकती है। किसी भी Age में इंसान इसका शिकार हो सकता है फिर चाहे वो छोटा बच्चा हो या बड़ा आदमी।

यहाँ ये Question उठ सकता है कि आखिर एक छोटा बच्चा कैसे depression में जा सकता है? तो क्या आपको पता है कि Research में ये सामने आया है कि ज्यादातर 10 साल के ऊपर के बच्चे इसका शिकार हुए हैं।

ऐसा इसलिए भी हो सकता है क्योंकि बच्चे अपनी Student Life में पढ़ाई की वजह या पढ़ाई के ज्यादा दबाव की वजह से चिंता करने लगते हैं और धीरे धीरे यही चिंता डिप्रेशन का रूप ले लेती है जो कि बच्चों के दिमाग पर बहुत बुरा प्रभाव डालती है।

2018 में हुए एक Survey में ये पाया गया कि भारत में ज्यादातर नौजवान डिप्रेशन के शिकार हो चुके है।

 

Depression और anxiety में क्या अंतर है? ( differences between anxiety and depression )

आपने कई लोगों को देखा होगा जिन्हें डिप्रेशन की problem है वह लोग हमेशा दुखी, चिड़चिड़े और stress में रहते है ऐसे लोग अकेले रहना पसंद करते है।

लेकिन ऐसा ज़रुरी नहीं है, कि उनको डिप्रेशन की दिक्कत हो। इस स्थिति में उनको anxiety भी हो सकती है।अधिकतर लोग  Depression और anxiety को एक ही मानते हैं।

क्या आपको भी Depression और anxiety की समस्या रहती है?

अगर हाँ तो फिर आपको Depression और anxiety में अंतर के बारे में पता होना चाहिए। ( difference between anxiety and depression )

 

तो चलिए जानते है, Depression और Anxiety में क्या अंतर है? (difference between anxiety and depression )

A)  Depression में आप ऐसा feel कर सकते है। ( depression kya hota hai )

1.  अपनी पसंदीदा चीजों में रुचि का नुकसान।

2.  जीवन में कोई मज़ा या आनंद नहीं मिल रहा ऐसा अनुभव करना। 

3.  आत्मविश्वास में कमी होना।

4.  अंदर से खाली महसूस करना।

5.  बेकार महसूस करना या जीवन का सामना करने में असमर्थ होना।

6.  चिंता की भावनाओं में वृद्धि होना।

7.  अपने लिए कुछ अच्छा सोचने में असमर्थ होना।

8.  सब कुछ व्यर्थ सोचना है।  

9.  मौत या आत्महत्या के विचार।

 

B)  Anxiety के में आप ऐसा महसूस करते है। ( anxiety meaning in hindi )

1. तेजी से साँस लेने।

2. बेचैनी।

3. ध्यान केंद्रित करने में परेशानी।

4. सोते हुए कठिनाई।

5. बेहोशी या चक्कर आना।

6. सांसों की कमी।

7. शुष्क मुँह।

8. पसीना आना।

9. ठंड लगना। 

10. आशंका और चिंता।

11. बेचैनी।

12. डर।

13 motionless हो जाना।

 

डिप्रेशन के क्या कारण हैं – what are causes of depression

Depression एक बेहद complicated  बीमारी है। Depression का कोई एक specific reason नहीं बताया जा सकता। Doctors का मानना है। जैसा कि ये किसी भी Age में होने वाली समस्या है इसीलिए इसके अलग अलग कारण हो सकते हैं। तो चलिए आपको depression के कुछ कारण ( reason of depression ) बताते हैं। 

 

1. Business में घाटा-

Businessman अपने Business में घाटा होने की वजह से डिप्रेशन का शिकार हो सकता है, या कोई व्यक्ति अपने Family Relation  की वजह से भी Depression के शिकार हो जाते हैं। ऐसे ही काफी से कारण हो सकते हैं जिनकी वजह से कोई भी Depression के चपेट में आ सकता है।

 

2. जेनेटिक प्रोपेसिटी-  

जिन लोगों के परिवार में माता-पिता या कोई अन्य सदस्य डिप्रेशन (अवसाद) से पीड़ित रहा हो, तो उस घर के  बच्चों को भी डिप्रेशन होने का खतरा रहता है।

 

3. तनाव ( mansik tanav)

जब कभी आपके किसी प्रिय-जन की अचानक death हो जाती है तो आपके लिए जीवन का सामना करना बहुत कठिन हो सकता है। कभी-कभी जीवन में ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं के कारण भी तनाव हो जाता है।

 

4. कमजोर व्यक्तित्व-

जब किसी को बचपन में माता- पिता का प्यार न मिले, हर कोई गुस्सा करें, मारे- पिटे, तिरस्कार करे,हर किसी से डरता रहे। तो बड़े होने पर उस व्यक्ति को डिप्रेशन होने का खतरा रहता है।

 

5. Drug and Alcohol  का उपयोग – ( side effects of Alcohol )

कई लोग यह समझते है कि ड्रग और अल्कोहल के उपयोग से वे stress free हो जाते है। लेकिन उनको इस बात का पता नही होता की उनके अवसाद का मुख्य कारण ( main causes of depression ) ड्रग और अल्कोहल हो सकता है।

अवसाद से ग्रस्त लोगों को ड्रग और अल्कोहल का इस्तेमाल करने से और ज्यादा अवसाद की समस्या हो सकती है। 

 

डिप्रेशन के लक्षण क्या होते हैं ?- depression ke lakshan – what are the symptoms of depression in hindi 

जैसा कि अब तक आप ये जान गए होंगे कि depression क्या है ( awsad kya hai ) और अगर इसको ignore करने की गलती की जाए तो इसका result केवल एक आदमी को ही नहीं बल्कि साथ साथ पूरी family को भी भुगतान पड़ सकता है।

अब जो सबसे जरूरी होता है वो होता है depression के लक्षण। ये जानना भी जरूरी है कि अगर आप या आपका कोई परिचित इस depression से जूझ रहा है तो आप कैसे पता ( depression counseling ) लगा सकते हैं।

 

⇒ तो चलिए आपको depression के कुछ important लक्षण बताते हैं ( what are the signs of depression ) :-

 

1.  हमेशा दुखी रहना ( mood disorder in hindi ) 

depression का जो सबसे मुख्य लक्षण होता है वो होता है मन और तन दोनों उदास रहना। जैसा कि हम ऊपर भी ये बता चुके हैं की depression में रोगी का मन बस उदास ही रहता है। उसकी life में खुशी होते हुए भी बस उदासी और दुख ही उसे हमेशा घेरे रहती है। तो अगर  आपकी family में किसी में भी ये लक्षण दिखाई दे जब वो खुशी के मौके पर भी उदास ही रहे, अकेले रहे, किसी से बात न करे तो समझ जाइये कि वो depression का शिकार हो सकता है।

 

2.  Interest खत्म हो जाना – 

depression का एक लक्षण ये भी होता है जिसमें रोगी  के अंदर किसी भी चीज के लिए Interest खत्म हो जाता है फिर वो चाहे पैसा हो, चाहे उसकी नौकरी हो,चाहे उसके family वालें हों यहाँ तक कि जिन कामों को करने में उसे ज्यादा खुशी मिलती है, वो उन कामों से भी दूरी बढ़ाने लगता है। ऐसे कोई भी लक्षण दिखाई देने पर तुरंत family वालों और Doctors से सलाह लें ।

 

3.  शारीरिक कमज़ोरी महसूस होना- 

जब व्यक्ति डिप्रेशन का शिकार हो रहा होता है वो तो मानसिक रूप से तो प्रभावित होता ही है, साथ में शरीर पर भी इसका असर देखने को मिलता है। व्यक्ति को हमेशा थकान महसूस होती है और उसे ऐसा ही लगता है कि उसके अंदर Energy नहीं बची है । इसीलिए डिप्रेशन का ये भी एक महत्वपूर्ण लक्षण होता है।

 

4.  छोटी-छोटी वजह से Guilt ( ग्लानि ) महसूस करना- 

Depression के रोगी व्यक्ति के अंदर एक बात और देखने को मिल जाती है। वो अक्सर छोटी-छोटी बातों पर खुद को कोसने लगता और फ़ालतू बातों से अपने आप को ही problems में डालता रहता है।

वो बहुत ही छोटी-छोटी बातों के लिए खुद को दोषी समझता है और ये problem लगातार बढ़ती चली जाती है और इसी reason  से उसकी problem भी बढ़ती जाती है।

 

5.  उत्साह खत्म हो जाना- 

जरा सोचिए कि आपको कोई काम करने में बहुत खुशी मिलती है, जैसे Cricket खेलना, dance करना, ऐसा कोई भी काम जिसको आप बड़े ही energy के साथ करते हैं और फिर अचानक उस काम को करने के लिए आपके अंदर की energy और उत्साह खत्म हो जाए।

या फिर यूँ कहें कि किसी भी काम के लिए आप में उत्साह खत्म हो जाए और आप उससे दूरियाँ बनाना शुरू कर दें, तो इसे ignore ना करें।  ये depression के एक जरूरी लक्षण के रूप में सामने आया है।

 

6.  नींद का संतुलन बिगड़ जाना- 

डिप्रेशन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण लक्षण ये भी देखा जाता है कि डिप्रेशन से पीड़ित व्यक्ति को नींद से जुड़ी समस्याएं प्रभावित करती हैं। सामान्य तौर पर जब कोई व्यक्ति सोने जाता है तो लेटने के कुछ देर बाद उसे नींद आ जाती है, लेकिन depression में ये balance बिगड़ जाता है।

इसमें व्यक्ति को कभी तो बहुत देर से नींद आती है जैसे लेटने के 2 या 3 घंटे बाद और कभी वो बहुत जल्दी ही सो जाता है। ध्यान रखने वाली एक ज़रुरी बात ये है कि depression से प्रभावित रोग जल्दी उठ भी जाता है।

Example के लिए अगर कोई आदमी 8 बजे सो कर उठता है और अचानक से उसकी नींद 4 या 5 बजे ही खुल जाए और ऐसा लगातार होता रहे तो इसे भी बिल्कुल ignore ना करें। ये depression के लक्षणों में से एक हो सकता है।

 

7.  खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करना- 

Depression में व्यक्ति के ऊपर नकारात्मक विचार इस प्रकार हावी रहते हैं कि उसके मन में खुद को नुकसान पहुँचाने के खयाल आते हैं। अपनी ज़िंदगी से और सब चीजों में उसका कोई Interest नहीं रहता। ऐसे में कई बार ऐसे भी मामले देखे गए हैं जिसमें व्यक्ति Suicide तक करने की कोशिश करता है।

अगर आप या आपके relative में किसी के अंदर इस तरह के लक्षण दिखाई दें तो समझ लीजिए वो  depression के चंगुल में फँस चुका है और जल्द से जल्द उसका treatment शुरू करें । किसी मनोचिकित्सिक से depression counseling करे

 

डिप्रेशन से बचने के तरीके क्या हैं? – how i get out of depression

मानसिक रोग दूर करने के उपाय – अभी तक आप ये समझ गए होंगे कि वो कौन से लक्षण हैं  (depression symptoms ) जिनसे डिप्रेशन की पहचान की जा सकती है। अब आपको कुछ जरूरी उपाय बताते हैं जिनकी help से इस बड़ी Problem को खत्म किया जा सकता है-

जैसे की Therapy और medicine के साथ आपको natural remedies for depression भी try करने चाहिए। अपने behavior को बदलना, आपकी physical activity, lifestyle, yoga for depression और यहां तक ​​कि आपकी सोच को बदलने में natural remedies आपकी help कर सकता है।

depression meaning in hindi
  depression meaning in hindi

 

1. अपने goals set करना –   

जब आप उदास होते हैं, तो आप ऐसा feel कर सकते हैं कि आप कुछ भी पूरा नहीं कर सकते। इससे आपको अपने बारे में बुरा महसूस होता है।

आप अपने लिए दैनिक लक्ष्य निर्धारित ( set daily goals) करें। “बहुत छोटी शुरुआत करें,” “अपने लक्ष्य को कुछ ऐसा बनाएँ जिस में आप सफल हो सकें, जैसे कि हर दूसरे दिन dishes बनाना।” जिससे आप बेहतर महसूस करना शुरू करते हैं, आप दैनिक लक्ष्यों को धीरे-धीरे अधिक चुनौती-पूर्ण (challenging) बना सकते हैं।

 

2. Smoking बंद करें ( Quit Smoking ) –

Stressful समय के दौरान Smoking करने वाले अक्सर cigarette पीना ही पसंद करते हैं। Smoking वास्तव में Anxiety and stress को बढ़ाता है।

Research Trusted Source से पता चला है कि पहले आप जीवन में Smoking शुरू करते हैं, बाद में Develop anxiety disorder होने का खतरा अधिक होता है।

Research से यह भी पता चलता है कि cigarette के धुएं में Nicotine (Relaxation instant) जैसी भावना पैदा करता है इसलिए लोग इस विश्वास में Smoking करते हैं कि यह Stress and anxiety ( mansik tanav) को कम करता है। Relaxation की यह भावना temporary है। आपको जल्द से जल्द smoking करना छोड़ना होगा।

 

3. अच्छी नींद लें – ( Get Enough Sleep )

Depression आपकी नींद को affect कर सकता है, जैसे कि बहुत ज्यादा सोना या बहुत कम सोना। अपनी नींद की आदतों को बदलें ताकि आप decide कर सकें कि आपके लिए Restful sleep कौन सी है। दिन के दौरान झपकी न लें।

और TV, laptop और phone से छुटकारा पाएं, जो आपकी नींद को खराब कर सकता है। यदि फिर भी आपको सोने में मुश्किल आती हो, तो सोने से पहले स्नान करने का प्रयास करें। कुछ Herbal tea पीएं या एक किताब पढ़ें।

 

4. Negative Thoughts को चुनौती दें –   

आपको negative thoughts को challenged देना होगा। जब भी आपको ऐसा feel होए, कि आपको कोई पसंद नही करता, आप अपने आपको घर के सबसे बेकार व्यक्ति की तरह महसूस करते हैं, तो आपको negative thoughts से अलग होना सीखना होगा।

ऐसा करने का एक तरीका यह है कि आप खुद को समय दें, ताकि आपको कुछ समझ में आए कि आपके लिए क्या  सही है और क्या गलत। फिर Negative Thoughts पर ध्यान केंद्रित करने से विराम लें और अपने दिन के साथ आगे बढ़े। 

 

5. दवाइयों से नहीं घबराएँ  ( medication for depression and anxiety ) –  

depression treatment in hindi
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डिप्रेशन से बचने के लिए दवाइयों का सेवन करना गलत नहीं है। पहले ज्यादातर लोग दवाइयों से बचते थे, लेकिन ऐसा ना करें। Science ने हर क्षेत्र में इतने Progress कर ली है, तो उसका फायदा उठाएं। Depression को ख़त्म करने के लिए Doctors से सलाह लेकर दवाएँ ली जा सकती है।


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6. योग करें  ( yoga for depression ) –

योगा मानसिक बीमारियों को दूर करने में बहुत उपयोगी साबित हुआ है। ऐसा केवल योग गुरु ही नहीं बल्कि डॉक्टर भी मानते हैं। सबसे अच्छी बात ये है कि इसे घर पर भी किया जा सकता है।

इसीलिए सलाह लेने के बाद योग करें। इससे मानसिक तनाव कम होता है और ये डिप्रेशन से निकलने में भी सहायक होता है।

 

7. परिवार के साथ समय बिताऐं ( छोटे बच्चों के साथ खेलें ) –  

डिप्रेशन से ग्रस्त व्यक्ति को परिवार के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताना चाहिए। हालांकि शुरू में ये मुश्किल हो सकता है, लेकिन कोशिश करें और धीरे- धीरे खुद भी इससे निकलने का प्रयास करें। ये भी depression में helpful साबित होता है। 

आप एक बार छोटे बच्चों के साथ खेल कर देखें, जिससे आपको मानसिक तोर पर शान्ति मिलेगी।

 

8. बाहर घूमने जाएँ –  Outing to cure depression

Depression में अक्सर व्यक्ति दुखी और अकेला feel करता है। ऐसे में उसे बाहर घुमाने उसके लिए Helpful होगा । इससे उसके विचारों पर Positive असर पड़ता है, जो कि Depression से निकलने में बहुत Help करता है। इसीलिए रोगी व्यक्ति को बाहर घुमाने ले जाना चाहिए। 

आप अपने दोस्तों के साथ बहार घुमने जाएँ और मस्ती करें। अपने pending काम या टेंशन को कुछ देर तक भूल जाएँ। कोई भी interesting topic पर गपशप लगायें। इससे आप तरोताजा और हल्का महसूस करेंगे।

 

9. खान-पान का ख्याल रखें- ( food for depression )  

ये सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है लेकिन Depression से ग्रस्त व्यक्ति पर खाने पीने का भी असर देखने को मिलता है। ज्यादा Fatty Food ना खायें। जितना Simple खाना खायंगे उतना ही अच्छा है। 

नीचे दिए गए खाने की चीजों ( food for depression ) को अपने भोजन में शामिल करें :

सेब (Apple) –    रोज एक सेब खाने का मतलब है, ज़िंदगी भर के लिए डॉक्टर से दूर रहना। Apple आपको कई बीमारियों से बचाने के साथ ही तनाव और depression से भी बचाता है। Apple में मौजूद पौषक-तत्व और आयरन (iron) आपके दिमाग में खुश करने वाले hormons को रीलिज करते हैं जो आपको दुख पहुंचाने वाली बातों और यादों को भुलाने में मदद करता है, और फिर आपको तनाव नहीं होता है।

तुलसी के पत्ते (holy basil) –     डॉक्टर तनाव दूर करने के लिए रोज सुबह तुलसी के कुछ पत्ते मुंह में रखने की सलाह देते हैं। यह तनाव दूर करने के लिए कारगर दवाई मानी जाती है।

बादाम और काजू  (Almond and cashew) –   

इससे आपके दिमाग में बुरे ख्याल नहीं आते और आप अवसाद का शिकार नहीं होते। और काजू में मौजूद vitamin-B तनाव को दूर रखता है।

अंडा – ( Egg )-  अंडा, प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत है। प्रोटीन के अलावा अंडे में DHA होता है जो अवसाद को 60 % तक ठीक करता है।

आयरनयुक्त भोजन (Iron based food ) –   आज से ही अपने खाने में आयरनयुक्त भोजन शामिल कर लें। आयरन दिमाग को भी हेल्दी रखता है जिससे तनाव और अवसाद आपके पास नहीं आयगे।

ओमेगा -3 फैटी एसिड ( omega-3 fatty acid ) –    अवसाद की स्थिति में doctor की सलाह से ओमेगा-3 फैटी एसिड की मात्रा अपने खाने में बढ़ा दीजिए,  जैसे मछली और अखरोट।  मछली में  सलमन, सार्डिन, हेरिंग, लेक ट्राउट, मैकेरल या टूना फिश खाया जा सकता है।

एवोकाडो ( Avocado ) – Avocado में ओमेगा -3 और फोलेट पाया जाता है, जो अवसाद ( depression ) से लड़ने में मदद करता है।

नारियल ( Coconut ) –  नारियल में शक्तिशाली Fluid and Electrolyte होते हैं जो depression and Anxiety Disorders से लड़ने में मदद करते हैं। रोज़ एक गिलास ताज़ा नारियल का juice पीएँ और इसके तेल का इस्तेमाल खाना बनाने में करें।

 

10. Doctor से संपर्क करें – ( depression counseling )  

Depression होने पर कई बार मरीज़ ये ग़लती करता है कि उसे हमेशा Ignore करता है और ये सोच लेता है कि ये तो बहुत ही छोटी problem है, इसके लिए किसी Treatment की जरूरत नहीं है, लेकिन यही उसकी सबसे बड़ी ग़लती होती है।

ऊपर बताए गए सभी लक्षणों में से अगर कोई भी लक्षण नजर आते हैं तो Doctor से संपर्क करने में बिल्कुल भी हिचकिचाहट ना करें । Doctor से मिलें और उनसे सलाह लें ।

हालाँकि Herbal and natural supplements कुछ लोगों के लिए अच्छा काम कर सकते हैं। लेकिन जब आप गंभीर अवसाद का अनुभव करते हैं तो आपको अपने doctor को inform करना चाहिए, क्योंकि depression एक गंभीर बीमारी हो सकती है। इन supplements का आपके ऊपर गलत Side effects भी हो सकता है।  

 


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दोस्तों उम्मीद करते हैं कि हमारा ये mental health Article ( depression meaning in hindi) आपको पसन्द आया होगा। और इस Article से आपको Depression (मानसिक रोग ), मानसिक रोग का आयुर्वेदिक इलाज के बारे में काफी जानकारी मिली होगी ।

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