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Real Love Story in Hindi | दिल छूने वाली सच्ची प्रेम कहानी (शार्ट रोमांटिक लव स्टोरी) 

Real Love Story in Hindi

Real Love Story in Hindi: आज के लेख में आप पढ़ने जा रहे है Love Story in Hindi, Sad Love Story, दिल को छूने वाली प्रेम कहानी Heart Touching True Love Story in Hindi

Real Love Story in Hindi: प्रेम एक ऐसा शब्द है जो हमारे दिलों को छू जाता है। यह एक ऐसी भावना है जो हमें खुशी, उल्लास और उत्साह देती है। प्रेम हमें एक-दूसरे के करीब लाता है और हमें एक परिवार का हिस्सा बनाता है।

आज के आर्टिकल में हमने दिल को छूने वाली प्रेम कहानियाँ (love story) लिखी है। इन सभी कहानियों को पढ़कर आपको भी प्यार हो सकता है। कई लोगों को सच्ची प्रेम कहानी पसंद आती है, तो यहाँ सच्ची प्रेम कहानी (real love story hindi) ही है।

राधिका और अनिल एक ही स्कूल में पढ़ते थे। वे एक-दूसरे से प्यार करते थे, लेकिन राधिका के माता-पिता को अनिल पसंद नहीं था। वे चाहते थे कि उनकी बेटी एक अमीर लड़के से शादी करे।

राधिका के माता-पिता ने अनिल को धमकाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना। वह राधिका से बहुत प्यार करता था। वह चाहता था कि वे एक साथ रहें।

राधिका ने अपने माता-पिता को समझाने की कोशिश की, कि अनिल एक अच्छा इंसान है। वह मेहनती है, और वह एक अच्छी नौकरी करता है। वह राधिका को खुश रख सकता है।

राधिका के माता-पिता को राधिका की बातों में कुछ हद तक यकीन आया। उन्होंने अंततः अनिल और राधिका की शादी की अनुमति दे दी। समय के साथ, राधिका के माता-पिता ने देखा कि अनिल एक अच्छा इंसान है और उनकी बेटी के लिए योग्य है। 

उन्होंने देखा कि वह मेहनती और दयालु भी है। वह राधिका से बहुत प्यार करता है, और वह उसे खुश रखने के लिए कुछ भी करेगा। एक दिन की बात है, राधिका और अनिल एक साथ पार्क में घूम रहे थे। वे एक पेड़ के नीचे बैठ गए और बातें कर रहे थे।

राधिका ने अनिल से कहा, “मैं तुम्हारे साथ बहुत खुश हूँ। मैं कभी नहीं सोचती थी कि मैं कभी किसी को इतना प्यार कर सकती हूँ।” अनिल ने राधिका को गले लगाया और कहा, “मैं भी तुमसे बहुत प्यार करता हूं। तुम मेरी जिंदगी हो।” वे कुछ देर और बातें करते रहे। फिर, उन्होंने हाथों में हाथ डाले और घर की ओर चल पड़े।

राधिका और अनिल की कहानी में एक और मोड़ आता है। अनिल एक सैनिक था, और जल्द ही युद्ध छिड़ गया। अनिल को एक साल के लिए बॉर्डर पर भेजा जा रहा था।

अनिल को पता था कि यह उनके प्यार के लिए एक कठिन परीक्षा होगी। वह राधिका को छोड़कर जाने से बहुत दुखी था, और वह जानता था कि वह उसके बिना एक साल कैसे रह पाएगा। लेकिन वह भी जानता था कि वह उसे वापस पाने के लिए लड़ना चाहता था।

राधिका भी अनिल के छोड़कर जाने से बहुत दुखी थी। वह जानती थी कि यह एक लंबा और कठिन साल होगा, लेकिन वह अनिल के लिए इंतजार करने के लिए तैयार थी।

राधिका और अनिल ने एक सप्ताह पहले सगाई कर ली। वे इस बात पर सहमत हुए कि जब अनिल एक साल में वापस आएगा, तो वे शादी कर लेंगे।

अनिल बॉर्डर पर चला गया, और राधिका ने उसके लिए इंतजार करना शुरू कर दिया। वह हर दिन उसको याद करती थी, और वह उस दिन का इंतजार कर रही थी जब वह फिर से उसे देख सके।

एक साल बाद, अनिल वापस आ गया। वह राधिका को देखने के लिए बहुत उत्साहित था। वह उसके पास गया और उसे गले लगा लिया। राधिका बहुत खुश थी कि अनिल वापस आ गया था। वह उसे गले लगाई और कहा, “मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूं।”

अनिल ने कहा, “मैं भी तुमसे बहुत प्यार करता हूं।” जल्द ही उन्होंने शादी कर ली, और वे एक साथ खुशी-खुशी रहने लगे।

राधिका और अनिल की कहानी हमें बताती है कि प्यार के लिए कोई सीमा नहीं है। प्यार सभी के लिए है, चाहे उनकी जाति, धर्म, या आर्थिक स्थिति कुछ भी हो।

यह कहानी यह भी बताती है कि प्यार एक शक्तिशाली शक्ति है जो किसी को भी कुछ भी हासिल करने के लिए प्रेरित कर सकती है।


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यह कहानी है संतोष और किरण की जो एक साथ एक ही कंपनी में जॉब करते थे। संतोष एक इंजीनियर था, और किरण एक मार्केटिंग स्पेशलिस्ट थी। वे दोनों बहुत मेहनती थे, और वे दोनों अपने काम में बहुत अच्छे थे।

संतोष और किरण एक-दूसरे को पहली बार कंपनी की एक पार्टी में मिले थे। वे तुरंत एक-दूसरे को पसंद आए। वे दोनों बहुत खूबसूरत और आकर्षक थे, और वे बहुत जल्दी दोस्त बन गए।

जैसे-जैसे समय बीतता गया, संतोष और किरण की दोस्ती प्यार में बदल गई। वे एक-दूसरे के बारे में सब कुछ जानते थे, और वे एक-दूसरे के साथ बहुत खुश थे।

लेकिन उनकी खुशी ज्यादा समय तक नहीं चली। कंपनी ने एक नई नीति लागू की जिसके अनुसार एक ही विभाग के दो कर्मचारी एक साथ डेट नहीं कर सकते थे। यह नीति कंपनी के लिए एक नई प्रतिस्पर्धा लाने के लिए लागू की गई थी।

संतोष और किरण को यह पता चला तो वे बहुत परेशान हो गए। वे एक-दूसरे से अलग होना नहीं चाहते थे। लेकिन वे जानते थे कि अगर वे इस नीति का उल्लंघन करते हैं तो उन्हें नौकरी से निकाल दिया जा सकता है।

संतोष और किरण दोनों चाहते थे कि वे एक साथ रहें, और वे जानते थे कि यह केवल तभी संभव होगा जब उनमें से एक अपनी नौकरी छोड़ दे।

उन दोनों ने यह फैसला करने के लिए बहुत सोच-समझकर कर विचार किया। वे जानते थे कि यह एक कठिन निर्णय होगा, लेकिन वे जानते थे कि यह उनके लिए सबसे अच्छा निर्णय होगा।

उन्होंने अपने परिवार और दोस्तों से सलाह ली, और उन्होंने बहुत सारे विचार-विमर्श किए। आखिरकार, उन्होंने फैसला किया कि किरण अपनी नौकरी छोड़ देगी।

यह एक मुश्किल निर्णय था, लेकिन किरण ने जानबूझकर ऐसा किया क्योंकि वह जानती थी कि संतोष अपनी नौकरी से बहुत प्यार करता है, और वह उसे ऐसा करने से नहीं रोकना चाहती थी।

संतोष को कंपनी की तरफ से एक साल के लिए विदेश जाना पड़ा। इसी बीच किरण के साथ एक दुखद घटना घटी। संतोष के जाने के कुछ दिन बाद किरण एक बड़ी वाहन दुर्घटना का शिकार हो गई। यह आमने-सामने की टक्कर थी।

अस्पताल में जब किरण को होश आया तो उसने अपने पिता और मां को रोते हुए देखा। तुरंत, उसे पता चल गया कि कुछ तो गलत हुआ है।

किरण के डॉक्टर ने बताया कि “किरण को मस्तिष्क में चोट लगी थी। उसके मस्तिष्क का वह हिस्सा जो उसके चेहरे की मांसपेशियों को नियंत्रित करता था, क्षतिग्रस्त हो गया था।” 

ऑपरेशन के बाद किरण का प्यारा चेहरा अब विकृत हो गया था। जब उसने खुद को आईने में देखा तो वह रो पड़ी। “कल, मैं सुंदर थी। आज, मैं एक राक्षस हूं।” उसका शरीर भी बहुत सारे भद्दे घावों से भरा हुआ था।

वहीं, उसने अपने मंगेतर को उनके वादे से मुक्त करने का फैसला किया। वह जानती थी कि वह अब उसे नहीं चाहेगा। वह उसके बारे में भूल जाएगी और उसे फिर कभी नहीं देख पाएगी।

एक साल तक संतोष ने कई मैसेज भेजे लेकिन किरण ने कोई जवाब नहीं दिया। उसने उसे कई बार फोन किया लेकिन उसने कॉल का जवाब नहीं दिया।

ऐसे ही एक साल बीत गया, “संतोष अपने शहर लौट आया था।”

जब किरण को पता चला, तो वह रोने लगी और चिल्लाने लगी, “नहीं! कृपया उसे मेरे बारे में मत बताओ। उसे मत बताओ कि मैं यहाँ हूँ।”

तभी किरण की माँ ने कहा, “उसकी शादी हो रही है,” और उसे शादी का निमंत्रण दिया।

किरण का दिल बैठ गया। वह जानती थी कि वह अब भी उससे प्यार करती है। लेकिन उसे अब उसे भूलना होगा।

बड़े दुःख के साथ उसने शादी का निमंत्रण पत्र खोला।

और फिर उसने उस पर अपना नाम देखा। 

उसने भ्रमित होकर पूछा, “यह क्या है?”

तभी संतोष फूलों का गुलदस्ता लेकर उसके कमरे में दाखिल हुआ। वह उसके पास घुटनों के बल बैठ गया और पूछा, “क्या तुम मुझसे शादी करोगी?”

किरण ने अपना चेहरा हाथों से ढँक लिया और बोली, “मैं बदसूरत हूँ।”

तभी संतोष ने कहा, “आपकी अनुमति के बिना, आपकी माँ ने मुझे आपकी तस्वीरें भेजीं। जब मैंने आपकी तस्वीरें देखीं, तो मुझे एहसास हुआ कि कुछ भी नहीं बदला है। आप अभी भी वही किरण हैं जिससे मुझे प्यार हुआ था। आप अब भी पहले की तरह खूबसूरत हैं। क्योंकि मुझे तुमसे प्यार है।”

यह एक बहुत ही सुंदर और भावनात्मक क्षण था। संतोष की बातों से किरण बहुत खुश हुई। उसे एहसास हुआ कि वह अभी भी संतोष के प्यार के पात्र है, चाहे उसकी सूरत कैसी भी हो।

संतोष की बातें हमें यह याद दिलाती हैं कि प्यार आंतरिक है। यह बाहरी रूप से नहीं आता है। जब हम किसी से प्यार करते हैं, तो हम उसके अंदरूनी गुणों से प्यार करते हैं। हम उसके अच्छे दिल, उसके दयालु स्वभाव, और उसकी बुद्धि से प्यार करते हैं।

संतोष और किरण का प्यार एक आदर्श उदाहरण है कि प्यार क्या हो सकता है। यह एक ऐसा प्यार है जो बाधाओं को दूर कर सकता है और हमें खुशी और शांति दे सकता है।


एक छोटे से गांव में एक लड़की रहती थी जिसका नाम रीना था। रीना बहुत ही खूबसूरत और दयालु लड़की थी। वह हमेशा दूसरों की मदद करने के लिए तैयार रहती थी। एक दिन, रीना के गांव में एक नया लड़का आया। लड़के का नाम राज था। राज बहुत ही अच्छा लड़का था। वह भी दूसरों की मदद करने के लिए तैयार रहता था।

रीना और राज जल्द ही एक-दूसरे के करीब आ गए। उन्हें एक-दूसरे में बहुत कुछ अच्छा लगा। वे एक-दूसरे के साथ बहुत खुश थे। वे एक-दूसरे के साथ समय बिताना पसंद करते थे। वे एक-दूसरे के साथ हंसते थे, रोते थे, और एक-दूसरे को सहारा देते थे।

लेकिन एक दिन, राज के परिवार को दूसरे शहर जाना पड़ा। राज को अपने परिवार के साथ जाना था। रीना बहुत दुखी हुई। वह राज को बहुत याद करने लगी।

राज भी रीना को बहुत याद करने लगा। वह रीना को भूल नहीं पा रहा था। वह रीना को वापस पाना चाहता था।

राज ने रीना को एक पत्र लिखा। उसने रीना को बताया कि वह उसे बहुत प्यार करता है। उसने रीना से कहा कि वह उसे वापस पाना चाहता है।

रीना को राज का पत्र मिला। वह राज के पत्र को पढ़कर बहुत खुश हुई। वह राज से मिलने के लिए बहुत उत्सुक थी।

रीना ने राज को पत्र लिखा। उसने राज को बताया कि वह भी उसे बहुत प्यार करती है। उसने राज से कहा कि वह उसके लिए इंतजार करेगी।

राज और रीना के पत्र-व्यवहार से उनका प्यार और भी मजबूत हो गया। वे एक-दूसरे के बिना नहीं रह सकते थे। कुछ समय बाद, राज ने रीना को वापस मिलने के लिए कहा। रीना ने राज से मिलने का फैसला किया।

राज ने रीना को अपने शहर बुलाया। रीना राज को मिलने के लिए बहुत खुश थी। वह राज के शहर पहुंची। राज और रीना ने एक-दूसरे को देखा तो उनकी आंखों में आंसू आ गए। वे एक-दूसरे को बहुत याद कर रहे थे। राज और रीना ने एक-दूसरे को गले लगाया। वे एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे।

राज और रीना ने शादी कर ली। वे एक-दूसरे के साथ बहुत खुश थे। वे एक-दूसरे के लिए सब कुछ थे। राज और रीना की कहानी एक सच्ची प्रेम कहानी है। यह दिखाती है कि सच्चा प्यार कभी नहीं मरता।


ज़िंदगी बहुत कठिन हो सकती है। यह हमें कई तरह की चुनौतियों और संघर्षों का सामना कराती है। कभी-कभी, ऐसा लगता है कि जीवन केवल हमें दुख और पीड़ा दे रहा है।

15 साल का प्यार खोना और करियर के सपनों को पूरा न कर पाना बहुत दुखद है। यह कोई आश्चर्य नहीं है कि आप खुद को खोया हुआ महसूस करते हैं। ऐसा महसूस करना स्वाभाविक है कि जीवन ने आपको धोखा दिया है। लेकिन याद रखें कि आप अकेले नहीं हैं। कई लोग ऐसे हैं जिन्होंने अपने जीवन में बहुत कुछ खोया है।

हमारी प्रेम कहानी लगभग 10 साल पहले शुरू हुई, जब मैं 18 साल की थी। दिलचस्प बात यह है कि हमारे परिवार एक-दूसरे को जानते थे और वह मेरे जीवन में आने वाला पहला लड़का था। 

हालाँकि हमारा रिश्ता प्यार से भरा था, हमें जल्द ही एहसास हुआ कि सिर्फ प्यार ही काफी नहीं है। जैसे-जैसे समय बीतता गया, हमारे बीच गलतफहमियां और टकराव होने लगे। 

हम दोनों अलग हो गए, हम एक-दूसरे को जन्मदिन, त्योहारों पर मैसेज के जरिए शुभकामनाएं देते थे। यह कई वर्षों तक जारी रहा, चाहे हम कितने भी दूर क्यों न हों। लेकिन ये उम्मीद हमेशा थी कि उसकी जिंदगी में कोई नहीं आएगा, उसके दिल में सिर्फ मेरी जगह है। इसे कभी कोई नहीं ले पाएगा। 

हमारे रिश्ते की सबसे अच्छी बात यह थी कि हम एक-दूसरे से चाहे कितने भी गुस्से में क्यों न हों, हमने गुस्से में कभी कुछ ऐसा नहीं कहा जिससे एक-दूसरे को ठेस पहुंचे।

5 साल बीत चुके हैं, लेकिन अभी भी वो मेरे दिल में है। आज भी मैं याद करती है कि कैसे हम एक-दूसरे से प्यार करते थे, कैसे हम एक-दूसरे के साथ समय बिताते थे, कैसे हम एक-दूसरे के साथ हंसते थे, रोते थे, और एक-दूसरे को सहारा देते थे।

लेकिन अब सब कुछ बदल गया है। अब हम एक-दूसरे से अलग हैं। पिछले 4 सालों से हमने एक-दूसरे को देखा तक नहीं है। कभी-कभी पुरानी बातें याद करके मुझे बहुत दर्द होता है।

मैं जानती हूँ कि मुझे आगे बढ़ना होगा, लेकिन यह आसान नहीं है। मैं अभी भी उसे प्यार करती हूँ, और उसकी जगह अपनी जिंदगी में किसी को नहीं दे सकती।

मैं जानती हूं कि मुझे समय लगाना होगा। अपने घावों को भरने और आगे बढ़ने के लिए। मुझे उम्मीद है कि एक दिन मैं उसे भूल जाऊंगी और अपनी जिंदगी की नई शुरुआत करूंगी।


प्यार एक प्यारा सा एहसास है है जो सबसे कठिन परिस्थितियों में भी लोगों को एक साथ ला सकता है। यह लोगों को एक-दूसरे के लिए सर्वश्रेष्ठ बनने के लिए प्रेरित कर सकता है और उन्हें जीवन में अपना रास्ता खोजने में मदद कर सकता है।

आपको ये प्रेम कहानियां (Real Love Story in Hindi) कैसी लगीं हमें कमेंट करके जरूर बताएं, ऐसी ही छोटी-छोटी शार्ट रोमांटिक लव स्टोरी पढ़ने के लिए Lifewingz.com को फॉलो करें।

धन्यवाद।

Image credit:– Canva

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