चेहरे पर चेहरा लगाए घूम रहा है आदमी – Sad poem

poetry in hindi about life

दोस्तों, आज की hindi kavita “चेहरे पर चेहरा लगाए घूम रहा है आदमी” आज के समय में हर इंसान पता नही अपने चेहरे पर कितने mukhauta लगा कर घूम रहा है यह कविता हमारी ज़िन्दगी की सच्चाई है! the poem about life इस कविता से हम उन लोगों को समझाना चाहतें है कि बस अब बहुत हुआ अब अपने चेहरे से यह नकली चेहरा हटाओ!

चेहरे पर चेहरा लगाए घूम रहे है आदमी
बाहर से कुछ, अंदर से कुछ
बने घूम रहे है आदमी
दिन में कुछ और रात में कुछ ओर ही है ये आदमी,

ना समझो की तरह नहीं
समझदारी से काम करने की जरूरत है,
हट को हटा ज़रा सा दिमाग लगाओ
इंसान-इंसान का दुश्मन बना घूम रहा है

अपने विचार को सही करने की जरुरत है
सब अच्छा है खुद को अच्छा बनाने की जरुरत है,

बस अब बहुत हुआ
ये चेहरा हटाओ ज़रा
अपनी असलियत दिखाओ ज़रा
लेकिन फिर भी चेहरे पर चेहरा लगाए घूम रहा है आदमी!


दोस्तों ! कविता अगर दिल को छूह जाये, तो शेयर ज़रूर कीजिएगा।


# नई जानकारी के लिए Lifewingz Facebook Page को फॉलो करें    

lifewingz

ये भी पढ़ें:-

1) आखिर जिंदगी है क्या ? Poem on life in hindi

2 झाँसी की रानी कविता – सुभद्रा कुमारी चौहान

3) तू जरा सब्र तो रख! Inspirational Poem In Hindi

4) कैसा ये दौर है आया! Heart Touching Poem in Hindi

5) मत करो खिलवाड़ प्रकृति से! Poem on Prakriti in Hindi


 
by Shubhi Gupta ( शुभी गुप्ता )
Story and Poem Writer

दोस्तों! “चेहरे पर चेहरा लगाए घूम रहा है आदमी – Sad poem” द्वारा लिखी गई  Hindi poem आपको कैसी लगी, इस  शेयर करना ना भूलें और हमारी अन्य Hindi poem, article, motivational story, quotes, thoughts, या inspiring poem इत्यादि पढ़ने के लिए हमें follow ज़रूर करें! 

धन्यवाद!

Image Credits- pixabay

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.