पीरियड्स में देरी: सही समय पर पीरियड्स लाने के लिए करें ये आसान उपाय

7 Home Remedies for Irregular Periods

7 home remedies for irregular periods: आज के इस लेख में हम मासिक धर्म की समस्या के बारे में बात करेंगे, जैसे कि पीरियड्स में देरी होने के कारण, symptoms of menstruation और साथ ही home remedies and yoga for irregular periods बताए गए।



मासिक धर्म यानी कि Menstruation, महिलाओं के लिए एक प्राकृतिक वरदान है। मासिक धर्म को ही पीरियड भी कहते है। यह महिलाओं की प्रजनन क्षमता (Reproduction) से संबंधित सबसे महत्वपूर्ण भाग है।

सामान्यतः दस से लेकर बारह वर्ष की उम्र में लड़कियों को पीरियड आना शुरू हो जाता है। और इसका सामान्य और सही cycle 28 दिनों का होता है। 28 दिनों का मासिक चक्र यानी कि एक पीरियड खत्म होने के 29 वे दिन अगला पीरियड आना, स्वस्थ मासिक चक्र को दर्शाता है। वैसे एक नियमित मासिक चक्र की अवधि 21से 35 दिनों की भी मानी जाती है। 

हालांकि कई कारणों से मासिक चक्र आगे या पीछे हो सकता है। एकाध बार यह अनियमितता सामान्य मानी जा सकती है। लेकिन यदि यह हमेशा होता है तो, इसे अनियमित मासिक चक्र कहा जाता है और इसे सामान्य नहीं कहा जा सकता है, क्योंकि यह एक गंभीर शारीरिक समस्या भी हो सकती है।

आज भी महिलाओं को, मासिक धर्म से संबंधित जागरूकता की कमी के कारण अपनी समस्याओं के विषय में, सही जानकारी नहीं होती है। और जब समस्या गंभीर रूप धारण कर लेती है तब वह डॉक्टर के पास जाती है।

आज हम, महिलाओं के मासिक चक्र से संबंधित कुछ अत्यंत महत्वपूर्ण बातों पर चर्चा करेंगे, जिससे महिलाओं को अपने कई प्रश्नों के उत्तर मिल जाएंगे। वे बातें इस प्रकार है-

1 मासिक धर्म आने के लक्षण

2 मासिक धर्म में देरी का कारण

3 समय पर पीरियड लाने के घरेलू उपाय

4 नियमित पीरियड के लिए योगासन

5 मासिक धर्म समय पर आने के लिए डॉक्टर से कब परामर्श लें।

तो चलिए शुरू करते हैं।

मासिक धर्म आने के लक्षण  – Symptoms of Period Coming

मासिक धर्म आने के कुछ समय पहले से ही महिलाओं की शारीरिक और मानसिक स्थिति में कई परिवर्तन होने लगते हैं। मेडिकल की भाषा में इसे PMS यानी प्री- मेन्स्ट्रयूल सिंड्रोम (Pre-Menstrual Syndrome) कहते हैं। इसके कई शारीरिक और मानसिक लक्षण होते हैं। जैसे-

1. शारीरिक लक्षण

पेट का फूलना,पेट अकड़ना, स्तनों में भारीपन और दर्द, सिर भारी होना, पेट और पीठ में दर्द होना, शरीर पर सूजन आना, बहुत ज्यादा भूख लगना या बिल्कुल भी भूख ना लगना, उल्टी या चक्कर आना, बार बार सोने की इच्छा होना या बहुत कम निंद आना, थकान महसूस होना, कब्ज और वात होना। यह सब पीरियड आने के पहले दिखाई देने वाले कुछ सामान्य लक्षण है जो कि अधिकांश महिलाओं में देखें जाते हैं।

2. मानसिक लक्षण

बार बार मूड स्विंग होना, बेवजह गुस्सा या चिड़चिड़ापन होना, हताशा, निराशा, चिंता, एकाग्रता की कमी होना, काम में मन ना लगना, बेवजह रोना, चिल्लाना या लड़ाई करना और इस तरह के कई मानसिक लक्षण होते हैं जो पीरियड आने के संकेत होते हैं।

महिलाओं के शरीर में हार्मोनल परिवर्तन के कारण तथा तनाव, अनियमित जीवनशैली, आहार, मोटापा इन कारणों से भी PMS के ये सभी लक्षण शरीर में अधिक दिखाई देते हैं।

उपरोक्त सभी लक्षण एक सीमा में है तो सामान्य माने जा सकते हैं, लेकिन कई बार PMS के अत्यंत तीव्र लक्षण होते हैं जिससे मासिक धर्म आने के पहले कई महिलाओं की शारीरिक और मानसिक अस्वस्थता इतनी अधिक बढ़ जाती है कि उन्हें आत्महत्या करने या खुद को या दूसरों को तकलीफ़ पहुंचाने का विचार तक आ सकता है। इसके लिए, लड़कियाें या महिलाओं को प्रारंभिक लक्षण दिखाई देते ही समस्या बढ़ने के पहले, डॉक्टर से परामर्श लेने की जरूरत होती है।


Read also:- Home remedies for Pigmentation | जब हो चेहरे पर झाइयों की समस्या



मासिक धर्म में देरी के कारण – Causes for Late Periods

अधिकांश महिलाओं की यह समस्या होती है कि उनके पीरियड कभी भी समय पर नहीं आते हैं। कभी किसी के पीरियड बहुत जल्दी आते हैं तो किसी के बहुत देर से आते हैं। पीरियड समय पर नहीं आने से उन्हें प्रेगनेंट होने में दिक्कत आती है और साथ ही अनेक शारीरिक समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है। मासिक धर्म देर से आने के कई कारण होते हैं।

इनमें से सबसे प्रमुख कारण हमारी आजकल की मशीनी लाइफ, अनियमित और सुस्त जीवनशैली तथा खान-पान की गलत आदतें हैं। इसके अन्य कारणों में, तनाव भी एक गंभीर कारण होता है। तनाव से शरीर में GNRH नामक हार्मोन की कमी हो जाती है, जिससे मासिक चक्र प्रभावित होता है और पीरियड आने में भी बहुत देर लग सकती है। इसके अलावा थायराइड और पोलिस्टिक ओव्हरी सिंड्रोम (PCOS) की समस्या भी अनियमित मासिक धर्म के प्रमुख कारण है।

समय पर ना सोना, समय पर ना खाना, मोटापा, कमजोरी, बर्थ कंट्रोल पिल्स, रजोनिवृत्ती, स्तनपान या फिर किसी गंभीर या सामान्य बीमारी की वजह से भी हमारे पीरियड देरी से आते हैं। इन सब में यदि आपको डॉक्टर की सलाह लेने की जरूरत महसूस होती है तो जरुर लें।

पीरियड्स (मासिक धर्म) लाने के घरेलू उपाय – 7 Home Remedies for Irregular Periods

periods problems

वैसे तो आपको, पीरियड से रिलेटेड किसी भी समस्या के लिए, एक बार किसी डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए। लेकिन सामान्य स्थिति में कुछ घरेलू उपाय किए जा सकते हैं जो सालों से हमारे घरों में इस्तेमाल होते आ रहे हैं और इनके कोई भी दुष्परिणाम भी नहीं होते हैं। पीरियड जल्दी लाने के लिए भी कुछ घरेलू नुस्खे अपनाएं जा सकते हैं। जैसे-

1. पानी में अदरक, गुड़ और अजवायन मिलाकर उबालें और रोज सुबह चाय की तरह गर्म या कुनकुना करके पीते रहे। इससे कुछ ही दिनों में पीरियड आ जाते हैं। आप चाहें तो इसमें दालचीनी का टुकडा भी मिला सकते हैं।

2. पपीता खाना पीरियड जल्दी आने के लिए बहुत अच्छा और कारगर उपाय है। आप पपीता वैसे ही खा सकते हैं या कच्चे पपीते की सब्जी बनाकर खाएं।

3. दूध में हल्दी और गुड़ मिलाकर गर्म करके पिएं।

4. दालचीनी पाउडर या मेथीदाना पावडर को गर्म पानी में मिलाकर पिएं।

5. सौंठ, सोंफ और गुड़ की गोली बनाकर खाएं।

6. अनार का जूस पिएं।

7. सफेद तील का पाउडर खाते रहें।

इन सब उपायों से पीरियड जल्दी आ जाते हैं।


Read also:- मानसून में कैसे करें आप अपनी स्किन की केयर !



4 सही समय पर पीरियड्स लाने के लिए योगासन – Yoga for Periods

सही समय पर पीरियड्स लाने के लिए शारीरिक और मानसिक रुप से एक्टिव रहना बहुत जरूरी होता है। और इसके लिए शारिरीक श्रम और व्यायाम तथा योग और मेडिटेशन इत्यादि करने की आवश्यकता होती है।

पीरियड समय पर लाने के लिए आप यह दो आसन कर सकते हैं।

1 मालासन

2 मत्स्यासन

इन दोनों ही आसनों में हमारे पेट के ऊपरी और निचले भाग की मांसपेशियों में सक्रियता आती है, जिससे गर्भाशय की मांसपेशियों में उत्तेजना आती हैं, जिसका असर आपके पीरियड पर पड़ता है। इसके अलावा, मासिक धर्म के समय होने वाले पीठ, पेट या अन्य अंगों के दर्द को कम करने के लिए भी कुछ योगासन होते हैं, जैसे मार्जरासन, वक्रासन तथा अर्ध पवनमुक्तासन इत्यादि।

लेकिन याद रखें कि, कोई भी योगासन या व्यायाम, विशेषज्ञ की सलाह और देखरेख के बिना, अपने मन से बिल्कुल भी ना करें। नहीं तो इसके विपरित परिणाम भी हो सकते हैं।

5 सही समय पर पीरियड्स लाने के लिए डॉक्टर की सलाह कब लेनी चाहिए।

मासिक धर्म से जुड़े हुए दर्द और कुछ समस्याएं बहुत ही सामान्य होती है और यह लगभग हर महिला को होती है। लेकिन कुछ समस्याएं ऐसी होती हैं जिन्हें हमें बिल्कुल भी सामान्य नहीं समझना चाहिए। और तुरंत उपचार के लिए डॉक्टर के पास जाना चाहिए। कई बार महिलाएं समस्या होने पर भी सार्वजनिक तौर पर इसकी चर्चा करने से कतराती हैं और समस्या बढ़ती ही जाती है। 

जैसा कि हमने पहले देखा कि कभी कभी Pre-Menstrual Syndrome यानी मासिक धर्म आने के पहले के लक्षण इतने अधिक गंभीर होते हैं कि इससे समस्या विकृत रुप भी धारण कर लेती है। हालांकि इसके परमानेंट इलाज का उपाय नहीं है लेकिन चिकित्सक की सलाह से इस समस्या पर कंट्रोल जरुर किया जा सकता है।

इसके अलावा PCOS की समस्या, पीरियड का बहुत ज्यादा या बहुत कम अंतर से आना, या फिर यदि रक्तस्राव बहुत अधिक या बहुत कम होता है, सामान्य से लंबे या कम समय तक पीरियड हो रहे हैं तो डॉक्टर के पास जरुर जाना चाहिए। यदि सोलह वर्ष की आयु तक भी पीरियड शुरू नहीं होते हैं तब भी डॉक्टर के पास जाना चाहिए। आप चाहें तो एलोपैथी, होम्योपैथी या आयुर्वेदिक चिकित्सा का सहारा ले सकती है।  

सामान्यत: पैंतालीस वर्ष की उम्र से तो पचास वर्ष की उम्र के बीच मासिक धर्म रुक जाता है। इसके पहले असामान्य पीरियड या अधिक रक्तस्राव इत्यादि की परेशानियां हो सकती है। इसलिए गायनेकोलॉजिस्ट से अपना रेग्यलर चेकअप करवाते रहे।      

महिलाएं अक्सर अपनी समस्याओं को छुपाती है या नजरंदाज कर देती है। लेकिन ऐसा बिल्कुल भी ना करें। याद रखिए कि आपका पूरा परिवार, अनेक बातों के लिए आपके उपर निर्भर है। समय समय पर अपना रुटीन चेकअप करवाते रहे। अच्छी जीवनशैली और सही खान-पान की आदतें अपनाएं और हमेशा स्वस्थ रहें।


Home remedies बहुत फायदेमंद होती हैं लेकिन हम आपको यह सलाह भी देंगे कि कोई भी घरेलू उपाय आजमाने से पहले problem की गंभीरता, अपनी हेल्थ और मेडिकल कंडीशन का ध्यान रखें। और जरूरत होने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें। यह article आपको कैसा लगा कमेंट सेक्शन में बताइएगा।

By:- Renuka Raje
Lifewingz.com
Image credits:- canva.com, Freepik.com

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.