Face Yoga For A Glowing Skin | चमकदार त्वचा के उपाय | yoga for face glow

yoga for a glowing skin

दोस्तों ! ये लेख चमकदार त्वचा के लिए योग ( yoga for a glowing skin ) के बारे में है। इसमें आप स्किन के लिए योग ( yoga for face glow ) और अच्छी स्वस्थ्य के लिए योग और प्राणयाम के बारे में जानेंगे।

आज की इस भागदौड़ भरी ज़िंदगी में हम स्वयं को खूबसूरत बनाने के लिए Cosmetic Products का उपयोग करते हैं। इनसे हमारी त्वचा को इंस्टेंट ग्लो ( instant glow to face ) तो मिल जाता है, लेकिन यह चमक कुछ ही समय में गायब हो जाती है और इनके लगातार प्रयोग से हमारी त्वचा मुरझाने लगती है और अधिक काली पड़ने लगती है।

क्या आप जानते है कि ऐसी समस्या से मुक्ति पाने हेतु योग ( yoga for face glow), आसन ( Asana ), प्राणायाम ( pranayam), व्यायाम, ध्यान ( meditation ) आदि का प्रावधान हमारे ऋषियों ने किया हैं?

जिनसे ना सिर्फ आप अपने चेहरे को चमका सकते है, बल्कि आप आपने चेहरे पर चढ़ी अतिरिक्त चर्बी ( how to reduce face fat ) एवं ओवर ऐज़ फैक्टर के प्रभाव (anti age yoga ) से भी छुटकारा पा सकते है।

योगासन हेतु उचित स्थान – योग अभ्यास के लिए शांत , साफ व  हवादार में आसन लगाइए। बेहतर हो एक कंबल या कालीन बिछाकर बैठें।

समय प्रातः काल का सबसे श्रेष्ठ है , अन्यथा शाम में भी कर सकते है।  जगह ऐसी चुने जहाँ शोर – गुल ना के बराबर हो और फोन इत्यादि को बंद कर ले। ढीले – ढाले  कपड़ों का चुनाव करें।

आइए जाने कैसे हम केवल कुछ दिन 15 मिनट के योग से अपनी skin को प्रकृति  रूप से चमकदार बना सकते है:-

इससे सम्बंधित कुछ योग ( yoga ) और प्राणायाम ( pranayam ) एवं उन्हें करने की विधि इस प्रकार है।

1) अर्धशीर्षासन ( Ardha shirshasana )

अर्धशीर्षासन करने का तरीका – Ardha shirshasana karne ka tarika 

-सर्वप्रथम  घुटने ज़मीन  पर रखते हुए बैठ जाए ।

-दोनों हाथों  की अंगुलियों को एक दूसरे में फँसाए, दोनों कोहनियों  तथा फँसे पंजों से एक त्रिकोण सी आकृति बनाते हुए उसे ज़मीन  पर रखिए।

-अब  आगे झुककर अपने  सिर का मध्य भाग हाथों  के बने पंजों पर रखें पूरा वजन पैरों  पर लगाते हुए घुटनों को उठाएँ। धीरे – धीरे  कोशिश कर घुटने सीधे करें। कुछ देर यही रुके रहें।

-इससे पूरे  शरीर का ब्लड सर्कुलेशन आपके फेस पर आ जायेगा।

Video- Oneindia Hindi | वनइंडिया हिन्दी

अर्धशीर्षासन के फायदे – Ardha shirshasana ke fayde

– इससे मस्तिष्क में रक्त संचार बढ़ता है, जिससे चहरे पर लाली  आती है जिससे आपकी त्वचा दमकने लगती हैं।

– इससे आँखों की रौशनी बढ़ती है तथा बल काले व  मजबूत होते हैं।

– यही पुरे शरीर के स्नायु केंद्रों  को द्रढ बनाता है तथा Endocrine Glands (अंतः स्त्रावी ग्रंथियों ) को स्वस्थ एवं संतुलित बनाए  रखने में मदद करता है।

अर्धशीर्षासन करने में क्या सावधानी बरतें -Ardha shirshasana karne me kya savdhani barte

– उच्च रक्तचाप तथा हृदय रोग की शिकायत वाले व्यक्ति इसे ना करे।

– बिगड़ा जुकाम तथा खाँसी  वाले रोगी इसे ना करें।

– इसे उबड़ खाबड़ तथा कठोर स्थान पर ना करें।

– इससे चेहरे पर चमक आती है।


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2) भुजंगासन ( Bhujangasana Yoga )

भुजंगासन करने का तरीका – Bhujangasana karne ka tarika 

-पेट के  बल लेट जाए।

-अब हाथों  को कोहनी से मोड़कर सीने के पास रखें  और पैरों को पीछे से मिला लें।

-अब हाथों  को सहारा लेकर शरीर को चहरे को धीरे-धीरे नाभि तक उठाए।

-कुछ समय तक यहां रुके और फिर धीरे – धीरे वापस आए।

Video- Swami Ramdev

भुजंगासन करने के फायदे – Bhujangasana ke fayde

-यह कब्ज की दूर करता है।

-भूख बढ़ाता है। पाचन में सुधार करता है ।

-त्वचा की समस्याओं से छुटकारा दिलाता हैं।

-दिल को मजबूत और फेफड़ों के मार्ग को साफ करने में मदद करता है ।

-इसका अभ्यास करने से तनाव और थकान मे राहत मिलती है ।

-रक्त और ऑक्सीजन के संचलन में सुधार करता है।

-बाजुओं , रीढ़ और कंधों को लचीला और मजबूत बनाता है ।

-अस्थमा के लक्षणों को कम करने में मदद करता है ।

भुजंगासन करने में क्या सावधानी बरतें – Bhujangasana karne me kya savdhani barte

-पेट की सर्जरी हुई हो तो ये अभ्यास ना करे।

-गर्भावस्था मे इसका अभ्यास ना करे ।

-पीठ, हाथ या कंधे या पुरानी चोट होने पर इसे बचे ।

3) सर्वांगासन  ( Sarvangasana )

सर्वांगासन करने का तरीका – Sarvangasana karne ka tarika 

इस आसन  को करने से प्रत्येक अंग पर प्रभाव पड़ता है. इसलिए इस आसन  को सर्वांगासन कहते हैं।

– सवर्प्रथम पीठ के बल लेट जाइए।

-हाथ बगल में रहे तथा पैर सीधे। शरीर को ढीला छोड़ दें।

-अब दोनों पैरों को धीरे – धीरे उठाइये और तब तक पैर बिलकुल धड़ की सीध में न हो जाएं।

-अब धड़ को दोनों हाथों से सहारा दें , यही सर्वांगासन है ठीक इसी क्रम में वापस अपनी पूर्वावस्था में आते है।

Video- Samatvam Yoga

सर्वांगासन करने के फायदे –  Sarvangasana karne ke laabh

– अगर आप त्वचा की खूबसूरती सम्बंधित समस्याओं से परेशान है तो आप को रोज़ सर्वांगासन का अभ्यास करनी चाहिए। यह त्वचा की खूबसूरती को ही नहीं बढ़ाता, बल्कि झुर्रियों, pimples और उम्र बढ़ने ( anti aging ) की प्रक्रिया को रोकता है।

– अगर आप इसे 3 महीने तक करेंगें  तो आपकी स्किन दमक उठेगी। इसे प्रतिदिन 15 मिनट  जरूर करें।

– यह शरीर में मेटाबोलिज्म क्रिया को कण्ट्रोल करने में मदद करता और वजन के नियंत्रित में सहायक है।

– यौन समस्याओं और विकारों में इस आसन का बहुत लाभ पहुँचता है।

– सर्वांगासन से उच्च रक्तचाप कम किया जा सकता है। लेकिन किसी योग शिक्षक की देख रेख में आसन करें।

– तंत्रिका तंत्र (nervous system) को बढ़ाता है और रीढ़ की हड्डी में लचीलापन को बढ़ाता है। सर्वांगासन दिमाग एवं नर्वस सिस्टम को शांत रखता है और स्ट्रेस को दूर करता है।

सर्वांगासन करने में क्या सावधानी बरतें – Sarvangasana karne me kya savdhani barte

– यह एक मुश्किल आसन है, इसे शुरुआत में किसी योग्य गुरु के निर्देशन में ही करें।

– सिरदर्द, दस्त, हाई बीपी, महामारी या गर्दन में चोट हो तो सर्वांगासन ना करें।

– अपनी शारीरिक क्षमता से अधिक ज़ोर न लगायें।

4) सूर्यनमस्कार (Surya Namaskar)

सूर्यनमस्कार करने का तरीका – Surya Namaskar karne ka tarika 

इसमें मुख्य्तः 12 चरण होते हैं , जो कि  निम्नलिखित है (12 Steps Of Surya Namaskar ):-

1  दोनों हाथों  को जोड़कर सीने  पास रखे व द्रष्टि सामने की और रखें।  दोनों पैर की ऐड़ी को मिलाकर रखना है।

2  हाथों  को श्वास  भरते हुए ऊपर उठाये

3  श्वास  छोड़ते हुए मस्तक को घुटने से व हाथों  को जमीं से लगाने का प्रयास करें।

4  एक पैर को पीछे ले जाए व दोनों हाथों को एक साथ रखें  तथा छाती को ऊपर उठाये

5  दोनों पैरों  को पीछे ले जाते हैं  व दोनों हाथों को आगे रखे रहें।  इसमें हमारी स्थिति डंडे के समान होती है।

6  स्वास छोड़ते हुए घुटने, छाती, ठुड्डी व मस्तक जमीन पर लगाये

7  इसमें दोनों हाथों  को कंधे के पास रखते हुए धड़ वाले हिस्से को ऊपर उठाते हैं।

यह क्रिया श्वास  लेते हुए करें।

8  इसमें श्वास  छोड़ते हुए मस्तक को जमीं से लगाये व  नाभि को देखने का प्रयास करें।

9  स्वास लेते हुए एक पैर को आगे ले आऐ  दोनों हाथों को एक साथ रखकर छाती को ऊपर उठाये

10  पाद हस्तासन – श्वास  छोड़ते हुए दोनों पैरों को एक साथ ले आयें व मस्तक को घुटने से व हाथों को जमीन से लगाने का प्रयास करें।

11  हस्तोत्तानासन – दोनों हाथों को श्वास  भरते हुए ऊपर उठाये

12  प्रणाम स्थिति – दोनों हाथों  को जोड़कर सीने के पास रखें व द्रष्टि सामने की और रखें।

अपनी स्थिति व  क्षमतानुसार 5-5 बार सम्पूर्ण क्रिया को दोहराएं।  अंत में शवासन कीजिये

सूर्य नमस्कार आसन करते समय पढ़े जाने वाले 12 मन्त्रों के नाम :-

1. ऊँ ह्राँ मित्राय नम:।
2. ऊँ ह्राँ रवये नम:।
3. ऊँ ह्रूँ सूर्याय नम:।
4. ऊँ ह्रैं मानवे नम:।
5. ऊँ ह्रौं खगाय नम:।
6. ऊँ ह्र: पूष्पो नम:।
7. ऊँ ह्राँ हिरण्यगर्भाय नम:।
8. ऊँ ह्री मरीचये नम:।
9. ऊँ ह्रौं अर्काय नम:।
10. ऊँ ह्रूँ आदित्याय नम:।
11. ऊँ ह्र: भास्कराय नम:।
12. ऊँ ह्रैं सविणे नम:।

सूर्यनमस्कार करने के फायदे – Surya Namaskar karne ke fayde

सूर्यनमस्कार के १२ आसन  होते है जिनकी मदद से न केवल आप अपने आप को स्वस्थ रख सकते है बल्कि शरीर के  सभी टाक्सिन्स हटाकर अपनी त्वचा को ग्लो भी दे सकते है।

रोज़ सुबह यह आसन  करने से त्वचा को अच्छी मात्रा में ऑक्सीज़न और विटामिन डी  मिलता है

इससे न केवल आप प्रत्यक्ष चमक पा सकती है बल्कि डबल चिन  एवं शरीर के किसी भी हिस्से में जमी चर्बी से छुटकारा पा सकते है।

इससे त्वचा लचीली बनेगी और प्राकृतिक रूप से साइन करेगी जिससे आप अपने चेहरे को यंग लुक दे सकते है।

जो कि  आपके चेहरे को सुन्दर एवं गोरा बनाने में मदद करेगा

इनसे प्राप्त नतीजे  आपकी खुबसूरती को लंबे  समय तक के लिए बरकरार रखेंगें

सूर्यनमस्कार करने में क्या सावधानी बरतें – Surya Namaskar karne me kya savdhani barte

वैसे तो सूर्य नमस्कार के अभ्यास किसी भी उम्र का व्यक्ति कर सकता है। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी इसे कर सकते हैं। लेकिन  फिर भी इसकी कुछ सावधानियां भी है:-

– उच्च रक्तचाप, हृदय रोगी तथा अन्य रोगी सूर्य नमस्कार का अभ्यास किसी योग्य yoga guru के मार्गदर्शन में करें।

– शरीर में अधिक विषैले पदार्थ होने से सूर्य नमस्कार के अभ्यास के दौरान यदि बुखार की स्थिति पैदा हो तो सूर्य नमस्कार का अभ्यास नहीं करना चाहिए।

– बिना किसी थकान के व्यक्ति जितने चक्रों का अभ्यास कर सकता है उसे उतना ही करना चाहिए।

–  शरीर पर फ़ालतू का ज़ोर ना डाले।

–  महिलाओं को मासिक धर्म ( पीरियड्स )के दौरान और गर्भ के तीसरे महीने के बाद सूर्य नमस्कार का अभ्यास नहीं करना चाहिए।

दौड़ना ( jogging benefits for skin )

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yoga for a glowing skin

yoga for a glowing skinदौड़ना संपूर्ण  व्यायाम है। अगर आप रोज केवल १५ मिनट  दौड़ लगाऐंगे तो इसके अनगिनत फायदे आप ले सकते हैं इसकी शरुआत  आप दौड़ने की बजाय चलकर भी कर सकते है लेकिन इसके लिए आपको तेजी से चलना होगा।

शुरआत में 5 मिनट तक तेजी से चले उसके बाद एक मिनट आराम से चले। यह क्रिया ४ बार दोहराए।   दौड़ने से आपको विटामिन डी भरपूर मात्रा में मिलता है। एक मॉउंटिंग शोध के अनुसार ४१. ६ % अमेरिकियों में  विटामिन D की कमी पाई गयी है क्योंकि वह अपना अधिकतर समय चारदीवारी में हे गुजरना पसंद करते हैं।

सर्दी के मौसम में कॉमन कोल्ड ( common cold ) होना एक आम समस्या है। इस समस्या से दौड़ आपको बचा सकती है क्योंकि दौड़ने से हमारा इम्यून सिस्टम स्ट्रांग ( immune system ) होता है, जो कि ऐसे बीमारियों से लड़ने में हमारी मदद करता है।

यह आपको अच्छी नींद, अच्छा मूड व आपके कॉन्सेंट्रेशन लेवल को बढ़ाने में भी मददगार साबित  हुई है इसके साथ ही यह आपको डिप्रेशन , अनिद्रा एवं ऑस्टियोपोरोसिस से भी दूर रखने का कार्य करती है।

सबसे अच्छी बात तो यह है के आप दौड़ने का कार्य सुबह या शाम किसी भी समय कर सकते है।

सही खाना खाएं ( doctor dixit diet plan )

indian diet for healthy skin and hair
indian diet for healthy skin and hair

indian diet for healthy skin and hairदोस्तों अगर आप अपनी स्किन को प्राकृतिक रूप से निखारना चाहते है तो आपको फ़ास्ट फ़ूड ( fast food ) को बाय – बाय  करना होगा क्योंकि व्यायाम के साथ उचित आहार लेना भी बहुत आवश्यक है इसलिए प्रोटीन युक्त आहार को अपनी डाइट  में शामिल करें।

अधिकांश होता है, कि हम जल्दबाज़ी के कारण रियल फ़ूड जगह इंस्टेंट फ़ूड ( fast food ) जैसे noodle को अपने अपनी  शामिल कर लेते है जबकि हमें ज्ञात होता है कि यह मैदा की बनी होती है जिसको पचाना मुश्किल होता है किन्तु समय की कमी के कारण इसे जल्दी से बनाकर  खा लेते है।

ऐसे में स्वयं पर नियंत्रण रखे और सिर्फ हैल्थी चीज़े खाएं। noddle की जगह आप oats ओट्स सोयाबीन एवं दलीय आदि को अपने आहार में शामिल कर सकते है इन्हें भी आप noodle जितने समय में ही बना है।

ओट्स में विटामिन डी भरपूर मात्रा में होता है। इसमें पाए जाने वाला कर्बोहाइड्रेट रक्त में प्रवाहित होकर हमारे शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है।

दलीय – आयरन का एक बहुत अच्छा स्त्रोत है  शरीर में में हीमोग्लोबिन मात्रा को बैलेंस करता है।  इसके अलावा यह शरीर के तापमान और मेटाबॉलिज़्म को भी सही मात्रा बनाए  रखता है।

पानी खूब पिए ( drinking water benefits for skin )

drinking water benefits
drinking water benefits

सुबह खाली  पेट आपको सबसे पहले 2 गिलास पानी पीना चाहिए, क्योंकि खाली पेट चाय काफी का सेवन हमारे शरीर के पौष्टिक पदार्थों नष्ट कर देता हैं। इसलिए आपको रोज़ 12 गिलास पानी पीना चाहिए।

एक बार में एक के बजाय दो गिलास पानी एक साथ पिये इसे पुरे दिन में 3 बार दोहराए क्योंकि यह हमारे शरीर के टॉक्सिन्स ( clean body blood ) को दूर कर हमारी skin को प्राकृतिक चमक प्रदान करता है। इससे आप अपने वजन को भी नियंत्रित रख सकती हैं।

आज से अपने शेडूल में इन  योग प्राणायाम शामिल कर स्वस्थ रहे व मस्त रहे।

साथ ही कॉस्मेटिक प्रोडक्ट व  फ़ास्ट फ़ूड को बाय – बाय बोल दे.


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by
Shikha dhama
Yoga Instructor
Lifewingz.com

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